Wednesday, February 18, 2026
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भारत कितना ईमानदार है? जानिए 2024 की वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति

क्या भारत एक ईमानदार देश है?

क्या हमारे देश में भ्रष्टाचार कम हो रहा है या बढ़ता जा रहा है?

हर साल एक अंतरराष्ट्रीय संस्था “Transparency International” इन सवालों का जवाब देती है Corruption Perceptions Index (CPI) के जरिए।

2024 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भारत की स्थिति आपको चौंका सकती है।

📊 CPI क्या है?

CPI यानी Corruption Perceptions Index एक वैश्विक सूचकांक है जो बताता है कि किसी देश में सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार को किस हद तक देखा और महसूस किया जाता है।

यह स्कोर 0 से 100 के बीच होता है:

100 का मतलब: एकदम साफ़-सुथरा, भ्रष्टाचार रहित

0 का मतलब: पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबा हुआ

हर साल करीब 180 देशों की तुलना की जाती है।

🇮🇳 भारत की रैंकिंग 2024 में

मानदंड विवरण

रैंक 93वां स्थान (180 देशों में से)

स्कोर 39 / 100

भारत को 39 का स्कोर मिला है, जो दिखाता है कि देश में भ्रष्टाचार अभी भी गहराई से मौजूद है। यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में भी इसमें खास सुधार नहीं हुआ है।

🌟 दुनिया के सबसे ईमानदार देश

2024 में दुनिया के टॉप 5 ईमानदार देशों की सूची:

रैंक देश का नाम स्कोर

1 डेनमार्क 90

2 फिनलैंड 87

3 न्यूज़ीलैंड 85

4 नॉर्वे 84

5 सिंगापुर 83

यह देश इसलिए आगे हैं क्योंकि इनके यहां सरकारें पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून के सख्त पालन में विश्वास रखती हैं।

भारत की तुलना अन्य देशों से

देश स्कोर रैंक

भूटान 65 25

यूएई 66 24

भारत 39 93

पाकिस्तान 29 133

बांग्लादेश 25 149

भारत का स्कोर कुछ पड़ोसी देशों से बेहतर है, लेकिन भूटान जैसे छोटे देश भी हमसे काफी आगे हैं।

🧾 भारत में भ्रष्टाचार के मुख्य कारण

सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी

ट्रैफिक, पुलिस और न्याय व्यवस्था में भ्रष्ट तंत्र

नेताओं और अफसरों में जवाबदेही की कमी

आम नागरिकों की चुप्पी और सहमति

समाधान क्या है?

डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देना

RTI (सूचना का अधिकार) का प्रभावी उपयोग

नागरिकों की जागरूकता और जिम्मेदारी

ईमानदार नेतृत्व का चुनाव

घूस न लेना और न देना — व्यक्तिगत संकल्प

निष्कर्ष

भारत को अगर एक सच्चे “विकसित राष्ट्र” की दिशा में बढ़ाना है, तो सिर्फ आर्थिक प्रगति नहीं, नैतिक और प्रशासनिक ईमानदारी भी जरूरी है।

हर नागरिक की भूमिका अहम है।

ईमानदारी सिर्फ सरकारी नीति नहीं, एक राष्ट्रीय चरित्र है।

आप क्या सोचते हैं?

क्या भारत वाकई में दुनिया का सबसे ईमानदार देश बन सकता है?

कृपया नीचे कमेंट करें –

“मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ!”

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