राजस्थान के भिनमाल में स्थित 72 जिनालय जैन तीर्थ एक अनोखा आध्यात्मिक स्थल है जहाँ 72 तीर्थंकरों के संगमरमर मंदिर, शांत वातावरण और धार्मिक अनुभूति मिलती है। जानिए इसका इतिहास, विशेषताएँ और यात्रा जानकारी।
राजस्थान की भूमि सिर्फ राजाओं और किलों की नहीं है, बल्कि यहाँ के कई नगर आध्यात्मिक धरोहर से भी भरे पड़े हैं। ऐसा ही एक स्थान है — 72 जिनालय जैन तीर्थ, जो भिनमाल (जालोर जिला) के समीप स्थित है। यह तीर्थ न केवल जैन धर्म का गौरव है, बल्कि अपनी अनोखी वास्तुकला, धार्मिक महत्व और शांति से भरी ऊर्जा के कारण हर यात्री को आकर्षित करता है।
72 जिनालय का इतिहास
72 जिनालय तीर्थ की स्थापना का कार्य लगभग 1982 में आरंभ हुआ और इसे पूरा होने में लगभग 19 वर्ष लगे। यह तीर्थ श्री लक्ष्मी वल्लभ पार्श्वनाथ को समर्पित है और इसका उद्देश्य था जैन धर्म के तीनों कालों (भूत, वर्तमान, भविष्य) के 24-24 तीर्थंकरों को एक ही परिसर में स्थापित करना।
इसलिए यहाँ कुल 72 छोटे-छोटे मंदिर (जिनालय) बने हैं — प्रत्येक में एक तीर्थंकर की प्रतिमा प्रतिष्ठित है।
🏛️ वास्तुशिल्प की विशेषताएँ
पूरे मंदिर को शुद्ध सफेद संगमरमर से निर्मित किया गया है।
यह परिसर लगभग 80 एकड़ में फैला है।
मुख्य मंदिर 8 फीट ऊँचे चबूतरे पर स्थित है और उसका क्षेत्रफल लगभग 4,700 वर्ग फीट है।
हर जिनालय में अत्यंत सुंदर व कलात्मक मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं।
बगीचों, जल फव्वारों और शांत वातावरण के कारण यह स्थान ध्यान और साधना के लिए भी उपयुक्त है।

🧘 धार्मिक महत्व
72 जिनालय तीर्थ केवल एक स्थापत्य कला का नमूना नहीं है, बल्कि यह जैन दर्शन की समग्रता को समर्पित है। यहाँ उपस्थित सभी 72 तीर्थंकरों की प्रतिमाएँ — जैन अनुयायियों को धर्म, तप और मोक्ष मार्ग की याद दिलाती हैं।
भिनमाल, जहाँ यह तीर्थ स्थित है, प्राचीन काल में श्रृीमाल नगर कहलाता था। यह स्थान ब्रह्मगुप्त जैसे गणितज्ञ और कई जैन आचार्यों की तपस्थली रहा है।
🗺️ यात्रा गाइड: कैसे पहुँचें?
मार्ग विवरण
📍 स्थान भिनमाल शहर से 6 किमी दूर, जालोर जिला, राजस्थान
🚉 निकटतम रेलवे स्टेशन मारवाड़ भिनमाल (लगभग 1.5 किमी दूर)
🚗 सड़क मार्ग जालोर, सिरोही, जोधपुर, अहमदाबाद से सीधा रोड कनेक्शन
🕐 समय सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक
🏨 ठहराव मंदिर परिसर में धर्मशाला, सात्विक भोजन, और पार्किंग सुविधा उपलब्ध
🍛 भोजन और रहने की सुविधा
मंदिर परिसर में भोजनशाला है जहाँ श्रावकों को नि:शुल्क सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही धर्मशाला में सादा लेकिन साफ़-सुथरा और आरामदायक ठहरने का इंतज़ाम है।
📸 यात्रा के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
शांति बनाए रखें — यह एक पवित्र तीर्थ है।
चमड़े की वस्तुएँ, मोबाइल रिंगटोन या तेज आवाज़ से परहेज करें।
मंदिर परिसर में फोटोग्राफी सीमित रूप से करें।
🙏 निष्कर्ष
अगर आप जैन धर्म में आस्था रखते हैं, या भारतीय वास्तुकला और शांति से जुड़ा कोई स्थान देखना चाहते हैं — तो 72 जिनालय जैन तीर्थ, भिनमाल की यात्रा आपके जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में से एक बन सकती है।
