Wednesday, February 18, 2026
Homeदेशभारत 2024 प्रेस स्वतंत्रता रैंकिंग में 159वें स्थान पर

भारत 2024 प्रेस स्वतंत्रता रैंकिंग में 159वें स्थान पर

 🔴 प्रस्तावना

क्या भारत में आज भी पत्रकार स्वतंत्र रूप से सच बोल सकते हैं?

2024 की World Press Freedom Index में भारत की 159वीं रैंक इस सवाल का गंभीर उत्तर देती है। Reporters Without Borders (RSF) द्वारा जारी इस रिपोर्ट में भारत को “बहुत खराब” (Very Bad) श्रेणी में रखा गया है।

📌 प्रेस स्वतंत्रता का महत्व

प्रेस स्वतंत्रता का अर्थ है — पत्रकार बिना डर, दबाव या हस्तक्षेप के तथ्य सामने रखें।

यह लोकतंत्र की आत्मा होती है। जब मीडिया पर अंकुश लगता है, तब जनता को सच्चाई नहीं, बल्कि सत्ता-प्रचार मिलता है।

📉 भारत की गिरती रैंकिंग

2024 में RSF की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 180 देशों में 159वें स्थान पर है।

देश रैंक

नॉर्वे 1

डेनमार्क 2

अमेरिका 41

पाकिस्तान 152

भारत 159

बांग्लादेश 165

चीन 172

उत्तर कोरिया 180

➡️ भारत का रैंक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देशों से भी नीचे है।

⚠️ क्या हैं इसके पीछे के कारण?

सरकारी हस्तक्षेप और सेंसरशिप: सरकार की आलोचना करने वाले मीडिया हाउस या पत्रकारों को टार्गेट किया जाता है।

कॉर्पोरेट दबाव: बड़ी कंपनियाँ विज्ञापन के ज़रिये खबरों को नियंत्रित करती हैं।

पत्रकारों पर हमले: कई पत्रकारों पर झूठे केस, धमकी, या हिंसा की खबरें आई हैं।

इंटरनेट बंदी: कई बार सरकार इंटरनेट बंद करके आवाज़ों को दबा देती है।

🧭 हम क्या कर सकते हैं?

स्वतंत्र मीडिया संस्थानों का समर्थन करें।

एक ही खबर को विभिन्न स्रोतों से पढ़ें।

फेक न्यूज़ को रोकने में योगदान दें।

जागरूक नागरिक बनें — सवाल पूछें।

✅ निष्कर्ष

भारत की गिरती प्रेस स्वतंत्रता सिर्फ पत्रकारों का नहीं, हर जागरूक नागरिक का मुद्दा है।

अगर हम चाहते हैं कि लोकतंत्र मजबूत बने, तो हमें प्रेस की निष्पक्षता और स्वतंत्रता की रक्षा करनी होगी।

अब समय है – सच के साथ खड़े होने का।

📢 आपका विचार क्या है?

क्या आपको लगता है कि भारतीय मीडिया स्वतंत्र है?

नीचे कमेंट करें और इस पोस्ट को शेयर करें ताकि और लोग भी जागरूक बनें।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments